करैरा मध्य प्रदेश राज्य के शिवपुरी जिले में स्थित एक प्रमुख नगर परिषद क्षेत्र है।
यह शिवपुरी जिले का दूसरा सबसे बड़ा नगर माना जाता है और ऐतिहासिक, धार्मिक तथा
सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
करैरा लगभग 305 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है तथा इसका क्षेत्रफल लगभग 41.8 वर्ग किलोमीटर है।
यह क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि प्रधान है, जहाँ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियाँ
कृषि और व्यापार पर आधारित हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार करैरा की जनसंख्या लगभग 28 हजार से अधिक है।
यहाँ की साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जो शिक्षा के प्रति जागरूकता को दर्शाती है।
करैरा अपने धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ स्थित करैरा किला,
महुअर नदी, फूटा ताल, समोहा डैम, चतुर्भुज मंदिर, मछावली माता मंदिर तथा खेड़ापति हनुमान मंदिर
प्रमुख आकर्षण हैं। नगर में कई प्राचीन जैन मंदिर भी स्थित हैं।
करैरा वन्यजीव अभयारण्य यहाँ का एक प्रमुख प्राकृतिक स्थल है, जिसकी स्थापना वर्ष 1981 में हुई थी।
यह अभयारण्य लगभग 202 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और जैव विविधता के लिए जाना जाता है।
नगर सड़क मार्ग से शिवपुरी, झांसी, ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, कोटा और अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
करैरा के निकटतम रेलवे स्टेशन झांसी और शिवपुरी में स्थित हैं, जबकि निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर में है।
करैरा आधुनिक संचार सेवाओं से भी जुड़ा हुआ है। यहाँ बीएसएनएल, जियो, एयरटेल और अन्य मोबाइल नेटवर्क सेवाएँ उपलब्ध हैं,
साथ ही इंटरनेट और डिजिटल टीवी सेवाओं का भी विस्तार हो चुका है।